विश्वासघात--(सीजन-२)--भाग-(१४) Saroj Verma द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

विश्वासघात--(सीजन-२)--भाग-(१४)

Saroj Verma मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

प्रकाश और लाज बातों बातों में अस्पताल पहुँच गए,प्रकाश बोला... अगर बुरा ना माने तो क्या मैं भी करन को देखने चल सकता हूँ? हाँ..हाँ...बुरा किस बात का? करन को भी अच्छा लगेगा आपसे मिलकर,लाज बोली।। ठीक है तो ...और पढ़े


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