सधी आंच book and story is written by kavita jayant Srivastava in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. सधी आंच is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. सधी आंच kavita jayant Srivastava द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 4.2k 1.8k Downloads 7k Views Writen by kavita jayant Srivastava Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण "कितनी बार कहा है कि, सुबह उठते ही मत बताया करो कि क्या दर्द है क्या तकलीफ है , सुबह सुबह ही शुरू हो गया तुम्हारा राग..'' वो गुस्से से भरा हुआ था "मैंने कहां बताया आपने खुद ही तो पूछा कि, क्या हुआ? "हां- हां गलती हो गयी, आंख खुली तो तुम्हारी शक्ल पर बारह बजे हुए थे अब मुंह बनाये रहोगी तो इंसान पूछेगा नही कि क्या हुआ ? उसकी बात सुनकर अनु खिन्न हो गयी 'पूछना भी है और सुनना भी नही है' हद है यार... वो चुप हो गयी ,उसकी आदत थी जब उसे लगता कि More Likes This When Miracles Happen - 1 द्वारा fiza saifi पर्दे के पीछे - 1 द्वारा ARTI MEENA फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी