कैसा ये इश्क़ है.... - (70) Apoorva Singh द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

कैसा ये इश्क़ है.... - (70)

Apoorva Singh मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

शान के अंदर जाने और दरवाजा बंद करने के बाद चित्रा मुस्कुराते हुए बोली,मुझे स्टोर रूम में कोई समस्या नही प्रशांत जी मह्त्वपूर्ण ये है कि आप किसी अपने की निगरानी में है।खुशी में चित्रा शान की बेरुखी को ...और पढ़े

अन्य रसप्रद विकल्प