Ankhon hi Ankhon me book and story is written by Medha . in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Ankhon hi Ankhon me is also popular in Love Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. आंखों ही आंखों में Medha Jha द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 2.4k 2.6k Downloads 11.6k Views Writen by Medha Jha Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आज फिर आंख खुलते ही आंखों के समक्ष उभरी एक जोड़ी जीवंत सी आंखें।" अरे, आप यहां, किसके लिए। मेरी तो प्रतीक्षा कर नहीं सकती आप।"वही गहरी, हृदय को बेंधती आंखें और हल्की स्मित से व्यंग्यात्मक वक्र हुए अधर, जिससे परिचित थी वो पिछले कई दशक से। स्कूल का सबसे शरारती छात्र। शायद ही कोई दिन ऐसा बीतता होगा, जिस दिन किसी अभिभावक का शिकायती पत्र नहीं आता हो प्राचार्य महोदय के पास उसके लिए। फिर स्कूल वाले भैया कक्षा से बुला कर ले जाते उसे प्रिंसिपल साहब के ऑफिस में। हम सब मित्र डरे प्रतीक्षा करते कि आज खैर More Likes This प्रेम न हाट बिकाय - भाग 1 द्वारा Pranava Bharti Maharana Pratap - Introduction द्वारा Aarushi Singh Rajput मेरा प्यार - 1 द्वारा mamta सदियों से तुम मेरी - 2 द्वारा Pooja Singh मशीन का दिल - 1 द्वारा shishi ब्रिंदा - एक खूबसूरत एहसास - 1 द्वारा jay panchal मैं दादा-दादी की लाड़ली - 2 द्वारा sapna अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी