Poem - Girl book and story is written by उषा जरवाल in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Poem - Girl is also popular in Poems in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. कविता - बिटिया उषा जरवाल द्वारा हिंदी कविता 1.3k 5.2k Downloads 16.5k Views Writen by उषा जरवाल Category कविता पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हर एक लड़की के जीवन में उसके पिता का अहम् स्थान होता है | मेरी जिंदगी में मेरे पापा का भी सबसे ऊँचा स्थान है | आज मेरे पापा मेरे मेरे साथ नहीं हैं पर उनका आशीर्वाद और उनकी यादें हमेशा मुझे प्रेरित करती रहेंगीं | कविता – ‘बिटिया’ ‘मैं’ पापा की प्यारी ‘बिटिया’, उनके अँगना की नटखट – सी गुड़िया, सबको नाच नचाती ऐसे कि सब कहते- आ गई ‘आफ़त की पुड़िया’, जब भी मम्मी घर के काम सिखाती तब मैं हरदम नाक चढ़ाती, माँ गुस्से से जब आँख दिखाती, मैं झट से पापा के पीछे छिप जाती, More Likes This चारपाई की व्यथा द्वारा Vandna Sharma शब्द और सत्य - भाग 1 द्वारा Shivraj Bhokare मन के अल्फाज - ख्वाहिश की कविताएं। - 1 द्वारा khwahishh श्रीरामचरितमानस - भाग 1 द्वारा Shivam Kumar Pandey सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 1 द्वारा Geeta Kumari जिंदगी संघर्ष से सुकून तक कविताएं - 1 द्वारा Kuldeep Singh पर्यावरण पर गीत – हरा-भरा रखो ये जग सारा द्वारा Poonam Kumari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी