Roshanighar Ki Ladki book and story is written by Yogesh Kanava in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Roshanighar Ki Ladki is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. रोशनीघर की लड़की Yogesh Kanava द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 1.5k 2.2k Downloads 7.1k Views Writen by Yogesh Kanava Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रोशनीघर की लड़की रात का गहरा सन्नाटा था, कभी कभी कुत्तों के भौंकने की आवाज़ नीरवता को तोड़ देती थी। कई बार ऐसा होता कि नींद नहीं आती थी खाण्डेकर जी को आज भी ऐसा ही हो रहा था, बिस्तर पर करवटें बदलते परेशान हो वो बाहर आ गए, अंधेरी सी रात में बस तारों की रोशनी। टिमटिमाते तारे मानो कुछ कह रहे हों। वो बाहर लाॅन में घूमने लगे, मन नहीं लगा तो बाहर निकल लिए, रात के कोई दो बजे थे, वो धीरे-धीरे सुस्त कदमों से चहलकदमी करते से बस यूंही चल रहे थे। सामने दूरदूर तक समन्दर More Likes This फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी