कैसा ये इश्क़ है.... - (भाग 33) Apoorva Singh द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

कैसा ये इश्क़ है.... - (भाग 33)

Apoorva Singh मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

अर्पिता वहीं खड़ी रह जाती है तो प्रशान्त जी उसके थोड़ा पास आकर कहते हैं सही ही कहा था मैंने,तुम्हारे दुपट्टे को मेरा साथ पसंद आ गया है।।अर्पिता कुछ नही कहती है बस लज्जा से नीचे गढ़ी जा रही ...और पढ़े

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