आत्मकथ्य शैली में भवभूति रामगोपाल तिवारी द्वारा पौराणिक कथा में हिंदी पीडीएफ

आत्मकथ्य शैली में भवभूति

रामगोपाल तिवारी मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी पौराणिक कथा

आत्मकथ्य शैली में भवभूति भवभूति का पदमपुर (विदर्भ) से प्रस्थान मैं भवभूति............ के नाम से आज सर्वत्र प्रसिद्ध हो गया हूँ। मेरे दादाजी भटट गोपाल इसी तरह सम्पूर्ण विदर्भ प्रान्त में अपनी विद्वता के लिये जाने जाते ...और पढ़े

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