कालप्रियनाथ के मन्दिर के शिलालेखों का निहितार्थ रामगोपाल तिवारी द्वारा मानवीय विज्ञान में हिंदी पीडीएफ

कालप्रियनाथ के मन्दिर के शिलालेखों का निहितार्थ

रामगोपाल तिवारी मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी मानवीय विज्ञान

कालप्रियनाथ के मन्दिर के शिलालेखों का निहितार्थ इतिहासकारों का कहना है कि यह नगरी ईसा की पहली शताब्दी से आठवीं शताब्दी तक फली-फूली है । (पद्मावती - डॉं0 मोहनलाल शर्मा , पृष्ठ-66-5.6 मुस्लिम मकबरे) यहॉँ नागों का शासन ...और पढ़े

अन्य रसप्रद विकल्प