rmcharit manas- ratnavali ka manas book and story is written by ramgopal bhavuk in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. rmcharit manas- ratnavali ka manas is also popular in Spiritual Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. रामचरितमानस-रत्नावली का मानस ramgopal bhavuk द्वारा हिंदी आध्यात्मिक कथा 1.6k 4.2k Downloads 11.2k Views Writen by ramgopal bhavuk Category आध्यात्मिक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण 4 रत्नावली का मानस रामगोपाल भावुक अस्थि चर्म मय देह मम, तामे ऐसी प्रीति। जो होती श्रीराम में, होत न तो भवभीति।। कर गह लाये नाथ तुम, बाजन वहु बजवाय। पदहु न परसाए तजत, रत्नावलि हि जगाय।। कटि की छीनी कनक सी, रहत सखिन संग सोय। और कटे को डर नहिं, अन्त कटे डर हाय ।। गोस्वामी तुलसी दास’की धर्मपत्नी रत्नावली के दोहों से हमने उनके जीवन में झँकने का प्रयास किया हैे। इन्हें पढ़कर रत्नावली के बारे में कथ्य प्रस्फुटित होने लगता हैं। 00000 रत्नावली के पिताजी का नाम दीनबन्धु पाठक था। उनके कोई लड़का न था। More Likes This अदृश्य पीया - 12 द्वारा Sonam Brijwasi बिल्ली जो इंसान बनती थी - 3 द्वारा Sonam Brijwasi महाराणा प्रताप - अध्याय 1 द्वारा Narayan Menariya Demon Slayer - 1 द्वारा Abhi Mahanand दक्षिण का गौरव - 1 द्वारा Ashish jain एक शादी ऐसी भी - 1 द्वारा Black Heart वेदान्त 2.0 - भाग 1 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी