कुंठित मानसिकता Ramanuj Dariya द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

कुंठित मानसिकता

Ramanuj Dariya द्वारा हिंदी लघुकथा

मेरी सोंच उस आधुनिकता की भेंट नहीं चढ़ना चाहती थी जिसमें एक लड़की के बहुत से बॉयफ्रेंड हुआ करते हैं और ओ जब जिससे चाहे उससे बात करे , जहां जिसके साथ चाहे घूमे टहले , ओ आधी रात ...और पढ़े

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