panchmahali gandh book and story is written by रामगोपाल तिवारी in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. panchmahali gandh is also popular in Classic Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. पंचमहली गंध रामगोपाल तिवारी द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां 636 2.6k Downloads 6.6k Views Writen by रामगोपाल तिवारी Category क्लासिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहानी पंचमहली गंध रामगोपाल भावुक मोहल्ले के बच्चे उसे काफी कहते हैं। वह कभी निराश नहीं दिखती थी। जब से पन्ना बीमार पड़ा है, वह खोई-खोई रहती है। यह सोचती रहती है-एक-एक करके तीन बच्चे पैदा हुए तीनों चल बसे। सोचा था-पेड़ रहेगा तो फल लग जाएंगे। अब तो पति की ही खराब स्थिति हो गई, उसे लगने लगा-‘अब वे बच नहीं पाएंगे। डाक्टरों ने जवाब दे दिया। फेफड़े गल गए हैं।‘ तभी से वह निराश रहने लगी। पति की सेवा-सुश्रूशा में कमी न रखती थी। ज बवह किसी काम से निकल जाती तो पन्ना सोचने More Likes This The Book of the Secrets of Enoch.... - 1 द्वारा Tanu Kadri Between Feelings - 1 द्वारा pink lotus Last Benchers - 1 द्वारा govind yadav जेन-जी कलाकार - 3 द्वारा Kiko Xoxo अंतर्निहित - 1 द्वारा Vrajesh Shashikant Dave वो जो मैं नहीं था - 1 द्वारा Rohan रुह... - भाग 7 द्वारा Komal Talati अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी