बेटी! तुम्‍हें विदा कर रहा हूँ!! rajendra shrivastava द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

बेटी! तुम्‍हें विदा कर रहा हूँ!!

rajendra shrivastava द्वारा हिंदी कविता

बेटी! तुम्‍हें विदा कर रहा हूँ!! --- 1 --- बेटी! तुम्‍हें विदा कर रहा हूँ!! तुम गौरव हो मेरा, विकल जीवन हो मेरा, संसार सागर लांघकर, सुसंस्‍कारों में बॉंधकर, परम्‍पराओं की डोली में बैठा रहा ...और पढ़े

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