ग़लतफ़हमी भाग-3 (विरह के दिन) Ramanuj Dariya द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

ग़लतफ़हमी भाग-3 (विरह के दिन)

Ramanuj Dariya द्वारा हिंदी लघुकथा

देखो न , हर कोई आ गया मिलने, कौन रूठता नहीं है पर इसका मतलब ये थोड़ी होता है कि बीच राह में साथ छोड़ कर चला जाये ओ भी सिर्फ़ ग़लतफ़हमी की वजह से। रात भी आई और ...और पढ़े

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