सम्पादक राजेश ओझा द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

सम्पादक

राजेश ओझा द्वारा हिंदी लघुकथा

नीलेश अपने प्रथम लघुकथा संग्रह के कवर पेज को लेकर द्वन्द में था..तीन चार स्केच सामने विखरे पड़े थे..एक से बढ़कर एक..इसी में से एक फाइनल करना था..उहापोह की स्थिति थी तभी पोस्ट मैन ने आवाज दी.."बाबूजी आपकी डाक ...और पढ़े

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