suvai book and story is written by Alka Pramod in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. suvai is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. सुनवाई Alka Pramod द्वारा हिंदी लघुकथा 11.7k 2.9k Downloads 11.1k Views Writen by Alka Pramod Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुनवाईकनिका ने घड़ी देखा रात के ग्यारह बज गये थे पर नितिन अभी तक नही आया था ,कनिका को चिन्ता होने लगी ।नितिन उसकी आँखों का तारा था क्षण भर भी उसे उदास देखना उन्हे गवारा न था।तभी द्वार की घंटी बजी ,कनिका दौड़ कर दरवाजा खेालने गई ।उसने सोच लिया था कि आज नितिन से कह देगी कि कल से वह उसके लिये दरवाजा खोलने के लिये इतनी रात तक नही जागेगी। अगर दस बजे के बाद घर में पांव रखा तो न तो खाना मिलेगा न मैं बात करेगी। ँद्वारा खोलते ही सामने खाकी वर्दी वाले को देख More Likes This ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी