Ulajjn - 8 book and story is written by Amita Dubey in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Ulajjn - 8 is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. उलझन - 8 Amita Dubey द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 2.5k 2.4k Downloads 5.4k Views Writen by Amita Dubey Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उलझन डॉ. अमिता दुबे आठ दादी का मानना कि इस प्रकार से लड़कियों को छूट देना उनकी जिद्द पूरी करना किसी प्रकार ठीक नहीं। उन्होंने यह बात जब सौमित्र के पापा को बतायी तो उन्होंने कहा - ‘अगर कलिका जाना चाहती है और उसकी टीचर्स एलाऊ करती हैं तो दीदी को उसे जाने देना चाहिए। जीजाजी के पास पैसों की कमी तो है नहीं वैसे भी स्कूल वाले एक अकेली बच्ची को तो भेजेंगे नहीं पूरा ग्रुप जा रहा होगा। मैं बात करुँगा जीजा जी से। केवल लड़की है इसलिए ऐसा मत करो मैं नहीं मानता। उसकी क्षमता, रुचि और Novels उलझन उलझन डॉ. अमिता दुबे एक नीचे के फ्लैट में जब से अंशी यानि अंशिका रहने आयी है तब से सोमू यानि सौमित्र का जीवन ही बदल गया है। इससे पहले सोमू तो केवल ‘बोर... More Likes This When Miracles Happen - 1 द्वारा fiza saifi पर्दे के पीछे - 1 द्वारा ARTI MEENA फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी