Chaar chatur ki bekar katha book and story is written by Mukesh Verma in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Chaar chatur ki bekar katha is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. चार चतुर की बेकार कथा Mukesh Verma द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 2.4k Downloads 13.9k Views Writen by Mukesh Verma Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण चार चतुर की बेकार कथा वे चार थे। चारों बेकार थे। पहिले वे ऐसे नहीं थे। बचपन से ही सबके अपने कारोबार थे, जहाँ कहीं कभी कोई ना तो फिक्र थी और ना ही चिन्ता। एक साथ रहते थे। शुरूआती दिनों की बात थी। उनमें से एक कविता लिखने की धुन में रहता था। दूसरा कागज पर रंगों से खेलता। तीसरा अपनी आवाज को अंतरिक्ष तक उठाकर स्वरों में खो रहा था। चौथा नृत्य की लयात्मक मुद्राओं में अपना वजूद भूलने की हद पर था। अपने काम में मस्त और शौक में मुब्तिला, वे सभी बेपरवाह और मनमौजी थे। उन More Likes This फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी