Dekho, tum marna mat book and story is written by Anil jaiswal in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Dekho, tum marna mat is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. देखो, तुम मरना मत Anil jaiswal द्वारा हिंदी लघुकथा 8k 2.6k Downloads 9.2k Views Writen by Anil jaiswal Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सारे काम निबटाकर सरिता अपने कमरे में घुसी, तो निढाल हो चुकी थी। रिटायर्ड रमा शंकर पलंग पर बैठे उनका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने घड़ी देखी, साढ़े दस बज चुके थे। "आज सब काम खत्म करते करते काफी देर हो गई तुम्हें।" रमाशंकर ने थकी हुई सरिता को मलहम लगाने की कोशिश की। "हां, आपको तो पता ही है, बहू से अब ज्यादा काम होता नहीं। अगर काम खत्म न करती, तो सुबह हालत खराब हो जाती।" "ओह, चलो दवा खा लो।" कहते हुए रमाशंकर ने गोली सरिता को पकड़ाई और पानी लेने चले गए। रमा ने खिड़की से More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी