दुर्गेश जी का काव्य संग्रह Durgesh Tiwari द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

दुर्गेश जी का काव्य संग्रह

Durgesh Tiwari मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

(गाथा बुढ़िया माई का)चली आ रही बारात एक ओर,जिसमें लोगो की भीड़ जोड़ एक ओर।नाच रहा जोकर जोड़-२ एक ओर,थोड़ी देर में मची शोर जोड़ एक ओर।।बन्द करो बाजा जोड़-थॉर एक ओर,रास्ता अभी है डोर-२ एक ओर।रास्ते मे आयों ...और पढ़े

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