From Bottom Of Heart - 10 Jiya Vora द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

From Bottom Of Heart - 10

Jiya Vora मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

1.मेरे विचार आज बह रहे है इस कलम से, और जाकर ठहरे हैं इन पन्नों पे |इस पंक्तियों के बीच दबे हैं कहीं अल्फाज,जिनमे मैंने छुपाकर भी खोल दिए हैं इन लफ्जों के राज2.बेटी !प्यार की बूंदों से सींचा ...और पढ़े

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