badnam rakhi book and story is written by Singh Srishti in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. badnam rakhi is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. बदनाम राखी Singh Srishti द्वारा हिंदी महिला विशेष 8.2k 2.4k Downloads 10k Views Writen by Singh Srishti Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बेहद खूबसूरत लगता है ना रात के वक़्त सफर करना और इन ठंडी हवाओं से ना जाने कितनी बातें करना , इन तारों का जगमगाना और आसमान से चांद का हमारा पीछा करना सब इतना ख़ूबसूरत लग रहा था मानों अब स्वर्ग ही मिल गया हो पर कहते हैं ना कि बिना मरे स्वर्ग कहां मिलता है ठीक वैसे ही अगर ज़िन्दगी में दुःख न आए तो ये कुदरत को भला कौन देखता है इसकी खूबसूरती को कौन समझता है ? और शायद ज़िन्दगी में पहली बार दुःख या यूं कहे धोखा हमको भी मिला था । पहली बार किसी से More Likes This जीवन की नई डोर - भाग 1 द्वारा prem chand hembram पंछी का पिंजरा - भाग 1 द्वारा Anil Kundal बिल्ली जो इंसान बनती थी - 17 द्वारा Sonam Brijwasi जंगल - 36 द्वारा Neeraj Sharma ममता ...एक अनुभूति... - 1 द्वारा kalpita हथकड़ी - 3 द्वारा Ashish Bagerwal सपनों की डोली। - 1 द्वारा softrebel अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी