Khud khudi se book and story is written by Jaya Jadwani in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Khud khudi se is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. खुद खुदी से Jaya Jadwani द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 3.2k 2.1k Downloads 12.3k Views Writen by Jaya Jadwani Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण खुद खुदी से वो जब मिली मैं अपनी उम्र की तीसरी बादान पर थी....फिसल कर चौथी पर गिरने से ठीक पहले खुद को संभालती हुई. मुझे पता ही नहीं चला इतने सारे बरस मेरे सिर पर से कैसे गुज़र गए और मैं क्यों मिट्टी के नीचे दबी रह गई, अनअंकुरित. मैंने अभी-अभी अपना अंखुआ देखा है, जब मैं गिरने से खुद को बचा रही थी तो सहसा मेरे भीतर किसी की नींद टूट गई और वह खड़ी हो गई. उसके खड़े होते ही वह अंखुआ मैंने देख लिया, पहले तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ फिर मैं जोर से रो More Likes This राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी