batua book and story is written by RAJNI in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. batua is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. बटुआ Rajni Gosain द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 7.2k 2.4k Downloads 11.2k Views Writen by Rajni Gosain Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सोमनाथ जी को कार्यालय से घर आए हुए आधा घंटा हो चुका था! आज वह हाथ मुँह धोकर, कपडे बदलकर अन्य दिनों की तरह बैठक में नहीं बैठे थे बल्कि अपने शयनकक्ष में पलंग पर पीठ टिकाकर बैठे थे! उनकी पत्नी रसोई में चाय बना रही थी! यदि अन्य दिनों की बात होती तो इतनी देर से चाय नहीं मिलने के कारण सोमनाथ जी घर सिर पर उठा लेते! "कितनी देर हो गई! एक चाय तुम से समय पर नहीं दी जाती! आदमी दिन भरकर का थका हारा, बस में धक्के खाकर घर पहुंचे! दफ्तर की थकान उतारने के लिए More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी