सिर्फ तुम.. - 3 Sarita Sharma द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

सिर्फ तुम.. - 3

Sarita Sharma द्वारा हिंदी कविता

सिर्फ तुम-3दर्द जब हद से बढ़ जाता है,चीखना चाहते है..चिल्लाना चाहते है.मन में जमी धूल एक पल में निकालना चाहते है...चाहते हैं कह दें सब हाल-ए-दिल,पर कुछ कह नहीं पाते..होंठ काँप उठते हैं कुछ कहने से पहले..आंखे छलछला जाती ...और पढ़े

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