SAMARPAN book and story is written by rajendra shrivastava in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. SAMARPAN is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. समर्पण rajendra shrivastava द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 4.6k 2k Downloads 10.1k Views Writen by rajendra shrivastava Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहानी समर्पण राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, ऐयर बैग अपने कन्धे पर टॉंगकर स्टेशन से निकलते ही मैंने सोचा चार साल बाद कौशल्या की ससुराल जाकर उसे यह बताने कि मन में इच्छा जागी, ‘’मैं बैंक में क्लर्क के लिये चुन लिया गया हूँ।‘’ अब कोई खास महत्व नहीं रखता.....क्या कहेगी वह? लेकिन फिर भी उसे यह सुनाने के लिये बैचेन हूँ। दिल में एक ऑंधी उठी हुई है। उससे मिलने की, सब कुछ कहने सुनने की। तॉंगा तय करके उसमें बैठा कि ‘’सटाक्क!’’ आवाज से चौंक पड़ा। घोड़े की पींठ पर चाबुक छप गई। और More Likes This देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal विक्रम और बेताल - 1 द्वारा Vedant Kana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी