Muaavja -vivah book and story is written by Krushkumar Ashu in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Muaavja -vivah is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मुआवजा-विवाह Krishan Kumar Ashu द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 3.5k 1.4k Downloads 6k Views Writen by Krishan Kumar Ashu Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मुआवजा-विवाह अंधकार ने अपना फन फैलाया। अंधेरे का काला सर्प रेंगा और शाम के धुंधलके पर कुण्डली मारकर बैठ गया। इसी के साथ सूरज ने क्षितिज में मुंह छुपा लिया। शायद वह भी मीनू के दुख को और अधिक समय तक देख पाने में असमर्थ था। भानू का शव अग्नि को समर्पित करके लौटे सब रिश्तेदार और पड़ोसी अपने घरों को लौट गए थे। जवान मौत पर शोक जताने के लिए आने वाले लोगों का तांता अब कुछ थम सा गया था। आंगन में बिछी दरी पर बड़े भैया शंकर, पापा, चाचा, मामा और बाहर से आए मौसा व फूफा More Likes This फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी