patri pr gaadi book and story is written by Annapurna Bajpai in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. patri pr gaadi is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. पटरी पर गाड़ी Annapurna Bajpai द्वारा हिंदी लघुकथा 6.7k 2.7k Downloads 8.2k Views Writen by Annapurna Bajpai Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रानो आज फिर देर से आयी।कारण पूछने पर भड़क उठी । " का बहू जी , हमहूं मनई हैं , देर अबेर हुई जात है ! घर ते देर निखरे रहे , ससुरा बड़का लड़का बहुरिया दुन्नों निरी गाली बक्कत रहा ! तो हमउ मुंहाचाभर म पर गयीं ।" अब भला बताओ मकान हमाये घर वाले बनाये रहे रोजु दुन्नों जने इहे मारे हमार परान लिहे ले रहे कि मकान उइ दुन्नों के नाम लिख दें । अब बताओ भला हम का करें ! हमार एक बिटिया औरो तो है हम कहाँ से लाइब एतना पइसा कि बियाह निबट जावे । More Likes This मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी