Behaa book and story is written by Renu Yadav in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Behaa is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. बेहा Renu Yadav द्वारा हिंदी महिला विशेष 1.2k 2.5k Downloads 8k Views Writen by Renu Yadav Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गाँव के किनारे घने जंगल के कोने से दुबकी नहर गर्मी के डर से पेट में पानी चिपकाए खेतों की ओर पैर पसार कर पट्ट लेटी पड़ी है, जिस पर मुँह उचका उचका बेहा (बेहया) के पौधे चारों ओर झाँक-झाँक कर तरी खोजने में लगे हैं । भकुआ मारे इन पौधों के बीच आज रेखवा और उसकी अम्मा सुनरिया साँप-गोजर की बिना परवाह किए लुका (छिप) कर बैठी हैं । आखिर वे करतीं भी क्या, बाहर विषैले इंसान जो थे ! नहर में ये वही बेहा पसरे पड़े हैं जिन्हें नहर से लगे खेत में बार बार जाम (उग) जाने More Likes This सब्र का फल द्वारा Vandna Sharma बीते न रैना भाग - 7 द्वारा Neeraj Sharma मौत से भागती दुल्हन - 1 द्वारा Sonam Brijwasi भंवर - भाग 1 द्वारा Anil Kundal जीवन की नई डोर - भाग 1 द्वारा prem chand hembram पंछी का पिंजरा - भाग 1 द्वारा Anil Kundal बिल्ली जो इंसान बनती थी - 17 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी