मुकम्मल अधूरेपन की एक अतृप्त सच्ची झूठी गाथा। Keshav Patel द्वारा पुस्तक समीक्षाएं में हिंदी पीडीएफ

मुकम्मल अधूरेपन की एक अतृप्त सच्ची झूठी गाथा।

Keshav Patel द्वारा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं

कहने को तो समय के साथ कई कहानियां कही जाती हैं, लेकिन कई कहानियों का अधूरापन समय की तमाम कोशिशों के बाद भी खाली ही रह जाता है। प्रमित किसी कहानी का एक बिम्ब मात्र नहीं है। वह जीवन ...और पढ़े

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