मैं वही हूँ! - 4 - अंतिम भाग Jaishree Roy द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

मैं वही हूँ! - 4 - अंतिम भाग

Jaishree Roy मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

मैं वही हूँ! (4) “दीपेन! तुम्हें मेरा नाम किसने बताया? मेरा सर चकराने-सा लगा था। वह अचानक पलट कर देखी थी, उस समय उसकी नश्वार पुतलियों में हंसी की सुनहली झिलमिल थी- क्यों, तुम्हीं ने तो मुझे वेनिस में ...और पढ़े