Antim Hastakshar book and story is written by Tawassum niha in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Antim Hastakshar is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. अन्तिम हस्ताक्षर Husn Tabassum nihan द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 4.4k 2k Downloads 7.3k Views Writen by Husn Tabassum nihan Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अन्तिम हस्ताक्षर अभी जगदीश जी के रिटायरमेंट में दो महीने बाकी थे और स्टाफ के लोग थे कि पहले से ही उनसे विदाई टोन में बतियाने लगे थे, गोया कि- ‘‘और जगदीश भाई....अब क्या इरादा है ?‘‘ ‘‘तो क्या सोंचा आपने जगदीश भाइ्र्र...जी पी एफ के पैसे कहाँ लगाएंगे?‘‘ ‘‘मेरी मानिए तो लगते ही दोनों बेटियों को निबटा डालिए.....‘‘ ‘‘भई जगदीश बाबू भूल मत जाना, मिलते रहिएगा....‘‘ -ऐसे ही तमाम किस्म के फिक़रे जगदीश बाबु को कचोट डालते। वह कुछ जवाब देने के बजाए मन ही मन उन कथित शुभचिंतकों को गरियाने लगते- ‘‘स्...साले इनका दम क्यूँ निकल रहा है, More Likes This देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal विक्रम और बेताल - 1 द्वारा Vedant Kana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी