मैं वही हूँ! - 1 Jaishree Roy द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

मैं वही हूँ! - 1

Jaishree Roy मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

मैं वही हूँ! (1) मैं नया था यहाँ। नई-नई नौकरी ले कर आया था। इलाके की सभी पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों की देख-रेख और मरम्मत की ज़िम्मेदारी थी मुझ पर। काम आसान तो नहीं था मगर मुझे पसंद था। ...और पढ़े