vrah book and story is written by Bhagirath Gondaliya in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. vrah is also popular in Adventure Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. वरा'ह Bhagirath Gondaliya द्वारा हिंदी रोमांचक कहानियाँ 6.4k 3.1k Downloads 8.3k Views Writen by Bhagirath Gondaliya Category रोमांचक कहानियाँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वरा'ह [ सदियों पेहले सौराष्ट्र के कई राजपरीवार अपने नाम के आगे अपने इष्टदेव भगवान वराह का नाम जोड़ते थे : मगर समय के साथ वराह का अपभ्रंश होते-होते वै वराह की जगह पर रा’ लगाने लगे । जो आज तक हयात हैं । अध्याय १----- सूरज के ढलने के साथ ही रा’डियास का एक और दिन निराशा में बित गया । पाटण के रसाले को वापस गये आज लगभग हफ्ता भर हो चुका हैं मगर अभी तक उनकी ओर से कोई भी संदेश जुनागढ़ नहीं भिजवाया गया । लगता हैं कि महाराज दुर्लभसेन को रा’डियास का प्रस्ताव पसंद नहीं आया इसलिए शायद उन्होने बात को हवा में उड़ा दि होंगी ।हताश-नीराश रा’आज फिर More Likes This The Game of Seven Kingdom - 1 द्वारा jay singh रहस्यमयी जंगल का दरवाज़ा - भाग 1 द्वारा Sandeep Bind राज़ के सात फेरे - 1 द्वारा jaisy singh अजूबा मिलन - भाग 1 द्वारा Ratna Pandey The Amazing Spider Man 3 - Part 1 द्वारा Ravi Bhanushali जंगल का खजाना - 1 द्वारा Sandeep Bind मृत द्वीप का रहस्य - 1 द्वारा rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी