लोक डाउन कविताएं અમી વ્યાસ द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

लोक डाउन कविताएं

અમી વ્યાસ द्वारा हिंदी कविता

बंद हे दुकानें, बंद हे दफ्तरेंरोज की चहल पहल ने आज हो गई है परेपंछी उड़ रहे खुले आकाश में औरजिंदगियां बंद हे चार दीवारों मेंसब लगे हे मौत को हराने मेंइंसान जो भूल गया था पैसे कमाने मेंअब ...और पढ़े