निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 14 Anandvardhan Ojha द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 14

Anandvardhan Ojha द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

इज़हारे ग़म उसे आता न था...सिर्फ़ चालीस दुकान की आत्मा ने ही नहीं, अनेक आत्माओं ने मुझसे कहा था कि वे अपना नाम भूल चुकी हैं। ऐसी आत्माएं अपनी पहचान के लिए एक कूट संख्या (Code number) बतलाती थीं। ...और पढ़े