आशा देवी, जो एक मोटी महिला हैं, अपने पति से बात कर रही हैं कि उनकी कामगार जानकी काम छोड़ने की बात कर रही है। पति ने सुझाव दिया कि उन्हें जानकी को अधिक पैसे देने की पेशकश करनी चाहिए, क्योंकि वह वास्तव में तन्ख़्वाह बढ़ाने की मांग कर रही है। जब जानकी ने स्पष्ट रूप से बताया कि उसे एक बेहतर नौकरी मिल गई है, तो आशा देवी ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन जानकी ने कहा कि वह कल से नई नौकरी जॉइन कर रही है। जानकी ने बताया कि उसे कांति ज्वेलर्स में 5000 रुपये की नौकरी मिली है। आशा देवी इस राशि को सुनकर चौंक जाती हैं और जानकी से अनुरोध करती हैं कि वह किसी और को उनके यहां काम पर रखने की कोशिश करें। जानकी ने जवाब दिया कि उनके घर में इतनी जरूरत नहीं है और यह उनकी सेहत के लिए भी अच्छा होगा। जानकी वहां से चली जाती हैं और आशा देवी को यह स्थिति चौंका देती है। इसके बाद, एक गहनों की दुकान में अनिता एक महिला को गहने दिखा रही है, तब तुलसी, जो पहले काम कर रही थी, वहां पानी लेकर आती है। महिला तुलसी को देखकर चौंक जाती है और उसकी अंग्रेजी की कमजोरी पर अपने पति पर नाराज होती है। पति गहनों में व्यस्त रहता है और अंततः दोनों दुकान छोड़ देते हैं। कहानी में सामाजिक वर्ग और अंग्रेजी भाषा के ज्ञान के प्रभाव को दिखाया गया है, साथ ही महिलाओं की स्वतंत्रता और अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया है। सत्या - 25 KAMAL KANT LAL द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 7.3k 3.1k Downloads 7.8k Views Writen by KAMAL KANT LAL Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सत्या 25 मैक्सी पहने एक मोटी औरत आशा देवी ने अपने पति से कहा, “सी व्हाट इज़ शी सेईंग. (देखो यह क्या कह रही है) कल से काम पर नहीं आएगी. ऐसे अचानक कैसे छोड़ सकती है काम?” उसका पति ड्रेसिंग टेबल के आईने के सामने खड़ा अपनी टाई ठीक कर रहा था. उसने अंगरेजी में कहा ताकि घर की महरी समझ न पाए, “डोन्ट वरी, ऑफर हर सम मोर मनी. शी विल स्टे बैक. शी इज़ ऐक्चुअली आस्किंग फ़ॉर अ रेज़.” (चिंता न करो, उसको कुछ ज़्यादा पैसा देने की पेशकश करो. वह रुक जाएगी. दरअसल वह तन्ख़्वाह बढ़ाने Novels सत्या सत्या पहला पन्ना 1970 के दशक के प्रारंभ की बात है. तब मैं काफी छोटा था. एक दिन सुबह सवेरे मेरे पिता के एक जूनियर कुलीग हमारे घर पर आए और उन्होंने पूरे... More Likes This सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी