निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 9 Anandvardhan Ojha द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 9

Anandvardhan Ojha Verified icon द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

पिताजी की वर्जना और चालीस दूकान की आत्मा... 'कहेगा कौन-सा अलफ़ाज़ उस रात की दास्ताँ, माँ, जब तुम थीं, मैं था और आँख के आंसू मेरे...!' उस रात की वार्ता में जितना वक़्त लगा, माँ से उतनी बातें नहीं ...और पढ़े