यह कहानी एक गाँव की है, जहाँ शाम के समय महिलाओं का एक समूह तुलसी के घर पर इकट्ठा हुआ है। वे माँ चंडी की पूजा कर रही हैं और एक ब्राह्मण पाठ कर रहा है। पुरुषों का एक समूह वहां आकर इस गतिविधि को समझने की कोशिश करता है। रमेश, एक पुरुष, मजाक में पूछता है कि क्या हो रहा है, लेकिन गोमती उन्हें डंडा दिखाकर चेतावनी देती है कि आज घर में खाना नहीं बनेगा और सभी को यहीं भोग मिलेगा। सत्या, जो साइकिल पर आया है, वहाँ की गतिविधियों का अवलोकन करता है और सविता से बातचीत करता है। जब वे घर लौटते हैं, तो सत्या उनकी सफलता की सराहना करता है। सविता सत्या से पैसे मांगती है ताकि भोग का इंतज़ाम कर सकें। सत्या पैसे देकर उन्हें खुशी को रतन सेठ के पास भेजने का कहता है। सत्या, सविता से मीरा की कमजोरी की बात करता है, लेकिन सविता गर्व से कहती है कि मीरा अपने दुख से बाहर आ गई है और उत्साहित है। सत्या चंडी पाठ के बारे में पूछता है और सविता जवाब देती है कि उन्हें यकीन है कि मंदिर कई सालों से है। सत्या चिंता व्यक्त करता है कि क्या लोग शराब पीना बंद कर देंगे अगर दुकान हटाई जाती है। सविता का जवाब है कि वे उस बारे में नहीं सोचते और माँ चंडी पर विश्वास करते हैं कि वह कोई उपाय जरूर करेगी। कहानी में महिला शक्ति और सामूहिक प्रयास की बात की जा रही है। सत्या - 21 KAMAL KANT LAL द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.7k 2.5k Downloads 7.7k Views Writen by KAMAL KANT LAL Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सत्या 21 शाम ढले जब मर्द लोग काम पर से लौटे तो तुलसी के घर पर औरतों का जमघट लगा था. माँ चंडी की एक बड़ी सी फ्रेम की हुई फोटो बरामदे के कोने में पीढ़े पर सजी हुई थी और एक ब्राह्मण बैठा पाठ कर रहा था. बस्ती के कुछ मर्द वहाँ रूककर समझने की कोशिश करने लगे कि आख़िर माज़रा क्या है. रमेश ने अपने नाटकीय अंदाज़ में कहा, “अब ये क्या तमाशा हो रहा है? अरे ओ मुनिया की माँ, क्या कर रही है यहाँ. चल उठ, घर में खाना वाना नहीं बनाना है?” गोमती एक मोटा Novels सत्या सत्या पहला पन्ना 1970 के दशक के प्रारंभ की बात है. तब मैं काफी छोटा था. एक दिन सुबह सवेरे मेरे पिता के एक जूनियर कुलीग हमारे घर पर आए और उन्होंने पूरे... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी