Nagar dhindhora book and story is written by Vandana Joshi in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Nagar dhindhora is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. नगर ढिंढोरा Vandana Joshi द्वारा हिंदी लघुकथा 8.2k 2.1k Downloads 9.2k Views Writen by Vandana Joshi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बारह बजने मे सिर्फ सात मिनट बाकी थे ,ज़्यादातर घरों की बिजलियाँ बंद थीं लेकिन कुछ थे जो अब भी अपने बच्चों को मोबाइल जब्त करने की धम्की दे कर सुलाने का अथक प्रयास कर रहे थे । यही वो समय होता हे जब संसार सो जाने का बहाना बना कर अपने-अपने मोबाइलों और लपटापों की छोटी छोटी खिड़कियों से ताक झांक करने मे व्यस्त होता है । एलेक्ट्रोनिक उपकरणों कि रोशनी ने सूरज को उसकी गोणता का एहसास दिला दिया है । अब तो अंधेरा तभी छाता है जब मोबाइल एकाएक लो बेटरी का साइन दिखाने लगे और चार्जर More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी