दिल्ली में लोधी रोड पर एक छोटा मकान था, लेकिन जल्दी ही साकेत में बड़ा मकान मिल गया। पति-पत्नी ऑफिस जाने के लिए चार्टर्ड बस का उपयोग करते थे। उस समय मुंबई में कई बड़ी अभिनेत्रियां परिवार के कारण फिल्मों से दूर थीं, जिससे कई फिल्में प्रभावित हुई थीं। लेखक का लेख "हरि तुम हरो प्रसव की पीर" और उपन्यास "देहाश्रम का मनजोगी" की प्रशंसा हुई। दिल्ली में रहने के बावजूद लेखक की पहचान बनी रही और उन्होंने साक्षात्कार लेकर लेखन जारी रखा। विष्णु प्रभाकर और निर्मल वर्मा जैसे साहित्यकारों से मिले और हरियाणा में एक कार्यक्रम में भाग लिया। बैंकों में हिंदी के लिए नए कामों की शुरुआत हुई और एक राजभाषा अधिकारी संगम का गठन किया गया, जिसमें कई बैंकों के हिंदी अधिकारी शामिल थे। हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए केनरा बैंक की अगुआई में एक सोसायटी बनाई गई। दिल्ली में विदेशों में हिंदी पढ़ाने वाले शिक्षकों का एक दल आया और उनके सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया। इस तरह, लेखक ने हिंदी भाषा और साहित्य के लिए कई प्रयास किए और नए विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रकृति मैम - दिल्ली Prabodh Kumar Govil द्वारा हिंदी मनोविज्ञान 1.3k 3.3k Downloads 7.6k Views Writen by Prabodh Kumar Govil Category मनोविज्ञान पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण .दिल्ली दिल हिंदुस्तान कालोधी रोड वाला मकान काफ़ी छोटा था। लेकिन जल्दी ही हमें साकेत में बड़ा मकान मिल गया।पत्नी का ऑफिस आर के पुरम में था और मेरा अब करोलबाग में। दोनों ही चार्टेड बस से ऑफिस जाते।अब लिखने के लिए ज़्यादा समय तो नहीं मिलता था पर फ़िर भी मौक़ा मिलते ही कुछ न कुछ कहीं छपता रहता।ये उन दिनों की बात है, उधर मुंबई में जब बहुत सारी बड़ी अभिनेत्रियां शादी के बाद अपने घर परिवार या फ़िर गर्भवती होने के कारण फ़िल्मों को तिलांजलि देकर बैठी थीं। कई बड़ी फ़िल्में रुक गई थीं या उनमें फेर Novels प्रकृति मैम अरे सर, रुटना रुटना ...अविनाश दौड़ता-चिल्लाता आया। -क्या हुआ? मैं पीछे देख कर चौंका। -सर, टन्सेसन मिलेडा। -अरे कन्सेशन ऐसे नहीं मिलता। मैंने लापरवाह... More Likes This जीवन का विज्ञान - 2 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani शब्द उपनिषद — सृष्टि का मौन विज्ञान - 1 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani जीवनोपनिषद - 1 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani मनत्रयी दर्शनम् द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani संभोग से समाधि - 1 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani तन्हा सफ़र: जज़्बातों की छांव में भीगा इश्क़ - 2 द्वारा Babul haq ansari सिसकती वफ़ा: एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल दास्तान - 2 द्वारा Babul haq ansari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी