इस कहानी में सबरीना और सुशांत एक यात्रा पर हैं, जहां डॉ. साकिब मिर्जाएव के खर्राटे उनकी बातचीत में बाधा डाल रहे हैं। प्रोफेसर तारीकबी पहाड़ों की सुंदरता का वर्णन करते हैं, जो सुशांत को कश्मीर की याद दिलाते हैं, लेकिन सुशांत सोचते हैं कि भारत में कश्मीर से भी खूबसूरत कई स्थान हैं। जब उनकी गाड़ी पहाड़ की तलहटी पर रुकती है, तो सभी स्टूडेंट्स जल्दी से बाहर निकलते हैं, लेकिन डॉ. मिर्जाएव सोते रहते हैं। एक महिला जो दूध से बने नमकीन लड्डू बेच रही है, उन्हें जगाती है। सुशांत को इन लड्डुओं के बारे में जानकर आश्चर्य होता है क्योंकि भारत में ऐसा भोजन मना है। प्रोफेसर लड्डू का स्वाद बताते हैं, जो भेड़ के दूध से बने हैं। फिर पूरा समूह केबल कार के द्वारा रियान-शॉन चोटी पर जाने के लिए तैयार होता है। सुशांत को केबल कार की पुरानी और डरावनी स्थिति देखकर डर लगता है। केबल कार में बैठने के लिए उन्हें तेजी से दौड़कर अपनी सीट लेनी होती है, अन्यथा वे चूक सकते हैं। कहानी में यात्रा, नए अनुभव और भिन्न संस्कृतियों का अन्वेषण किया गया है। सबरीना - 19 Dr Shushil Upadhyay द्वारा हिंदी महिला विशेष 3.7k 2.8k Downloads 6.9k Views Writen by Dr Shushil Upadhyay Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सबरीना (19) जारीना ने सुशंात को खींचा... सबरीना और सुशांत की चुप्पी के बीच में डाॅ. साकिब मिर्जाएव के खर्राटे बार-बार बाधा बन रहे थे। डाॅ. मिर्जाएव मुंह खोलकर सो हुए थे और उनके खर्राटे इंजन की आवाज को टक्कर देते दिख रहे थे। उनकी गर्दन एक ओर झुकी हुई थी और हरेक आती-जाती सांस के साथ उनका मुंह और चैड़ा होता दिखता था। सोते वक्त की बेख्याली में उन्होंने अपनी टांगे इतनी फैला दी थी कि उनके बराबर में बैठे हुए प्रोफेसर तारीकबी के लिए बैठे रहने की जगह ही नहीं बची। वे सीट छोड़कर खड़े हो गए, उन्हें Novels सबरीना होटल टाशकेंट के बाहर चारों तरफ बर्फ फैली हुई थी। सामने के पार्क में मरियल धूप का एक टुकड़ा बर्फ से लड़ने की कोशिश कर रहा था। सुशांत अभी ऊंघ रहा था। तय न... More Likes This बीते न रैना भाग - 7 द्वारा Neeraj Sharma मौत से भागती दुल्हन - 1 द्वारा Sonam Brijwasi भंवर - भाग 1 द्वारा Anil Kundal जीवन की नई डोर - भाग 1 द्वारा prem chand hembram पंछी का पिंजरा - भाग 1 द्वारा Anil Kundal बिल्ली जो इंसान बनती थी - 17 द्वारा Sonam Brijwasi जंगल - 36 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी