नीलू की सास ने उसके दादी द्वारा दिए गए हल्के झुमकों पर ताना मारा, जिससे नीलू का मन उखड़ गया। शादी के बाद से वह लगातार ताने सुन रही थी और उसके पति भी अपनी मां के पक्ष में हमेशा खड़े रहते थे, जिससे नीलू को और परेशानी होती थी। वह अपने ससुराल के माहौल में ढलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा था कि ससुराल वाले उससे इतनी शिकायतें क्यों कर रहे थे। नीलू को अपने घर की याद आती थी और वह कई बार अपने घर लौटने का सोचती थी, लेकिन दादी के चेहरे की याद उसे रोक देती थी। वहीं गौरी, जो अपने घर की इकलौती बेटी थी, अपने भाइयों के द्वारा बहुत लाड़-प्यार में पली थी। उसके पिता ने उसे स्कूल भेजने से मना किया था और घर पर ही पढ़ाने के लिए एक मास्टर रख लिया था। गौरी की मां ने उसे स्कूल भेजने के लिए ज़िद की, वरना उसकी पहली कक्षा में दाखिला आठ साल की उम्र में होता। मास्टर को गौरी के साथ नरमी से पेश आने की हिदायत दी गई थी, और उसके पिता पढ़ाई के बदले उसे चॉकलेट देते थे, जिससे घर में एक खुशहाल माहौल बना रहता था। यह कहानी नीलू और गौरी के जीवन के संघर्षों और उनके पारिवारिक माहौल को दर्शाती है। बड़ी बाई साब - 13 vandana A dubey द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 54.9k 6.9k Downloads 14.2k Views Writen by vandana A dubey Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण . सास ने डेढ़ तोले के झुमकों को देख कर बुरा सा मुंह बनाते हुए सुनाया- “ इतने हल्के झुमके दे पायीं तुम्हारी दादी! इससे अच्छा तो न देतीं.” नीलू का मन हुआ कि कहे –“ कभी एक तोले के झुमके पहन के देखे हों, तो वज़न का अन्दाज़ हो पाये, कि कान कितना भार सम्भाल सकते हैं.” लेकिन बोली कुछ नहीं. शादी के बाद से ही लगातार नीलू को ताने सुनने पड़ रहे हैं. मन उकता गया है उसका. पति भी पूरी तरह मां-बाप के रंग में रंगा हुआ है. मां कोई ताना देती हैं तो हां में हां Novels बड़ी बाई साब “ ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते !!.......नीचे मंडप में पंडित जी कलश स्थापना कर रहे थे. खिड़की से सिर... More Likes This वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar कालचक्रः धुंध में छुपा सच - 1 द्वारा Avinash अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी