एक सार्थक पहल के अंतर्गत, अगली गोष्ठी में काव्या जी अपनी कहानी का वाचन करने वाली हैं। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस निर्णय को स्वीकार किया और गोष्ठी समाप्त हो गई। विदाई लेते समय डॉ. ललित ने कहा कि अगली गोष्ठी में काव्या जी की सार्थक कहानी सुनने का अवसर मिलेगा। एक सार्थक पहल के लिए राकेश सोहम् द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 1.6k 2.3k Downloads 13.3k Views Writen by राकेश सोहम् Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक सार्थक पहल !------ --------'अगली गोष्ठी में काव्या जी अपनी कहानी का वाचन करेंगी.', सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया और गोष्ठी समाप्त हो गयी.'काव्या जी,... ' डॉ. ललित ने विदा लेते हुए कहा, ' अगली गोष्ठी में आपकी सार्थक कहानी सुनने का अवसर मिलेगा.' काव्या ने जैसे असमंजस की स्थिति में उनके निमंत्रण को मौन स्वीकृति दे दी. एक निरर्थक जीवन पर सार्थक कहानी कैसे लिखी जा सकती है ? जबकि कहानी की विषयवस्तु स्वयं के जीवन पर आधारित हो. काव्या को लगा मानो परीक्षा की घडी आ गयी.महीने में एक बार होने वाली इस गोष्ठी में कोई नामचीन कथाकार More Likes This प्रेम न हाट बिकाय - भाग 1 द्वारा Pranava Bharti Maharana Pratap - Introduction द्वारा Aarushi Singh Rajput मेरा प्यार - 1 द्वारा mamta सदियों से तुम मेरी - 2 द्वारा Pooja Singh मशीन का दिल - 1 द्वारा shishi ब्रिंदा - एक खूबसूरत एहसास - 1 द्वारा jay panchal मैं दादा-दादी की लाड़ली - 2 द्वारा sapna अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी