इस कहानी का शीर्षक "फैसला" है और यह एक महिला की दर्दनाक स्थिति को दर्शाता है। कहानी की नायिका ने अपनी बेटी को बिस्तर पर लेटाने की कोशिश की, तभी उसका पति अभय नशे में झूमता हुआ कमरे में आता है। नायिका का गुस्सा फूट पड़ता है और वह अभय पर टूट पड़ती है, उसे उसके चरित्रहीनता के लिए गालियाँ देती है और उसकी तुलना झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले पुरुषों से करती है, जो अपनी पत्नियों को सम्मान देते हैं। अभय, नशे में होने के बावजूद, नायिका को धक्का देकर गिरा देता है और उस पर लात-घूसों से हमला करता है। नायिका की बेटी आस्था उसके रोने की आवाज़ सुनकर जाग जाती है और उसकी गोद में आकर लिपट जाती है। नायिका अपने कष्टों को भूलकर अपनी बेटी की चिंता करती है, क्योंकि उसे अपने पति पर अब कोई विश्वास नहीं है। कमरे में सन्नाटा है, और नायिका अभय को देखकर भी उसे नहीं देखना चाहती। सिद्धेश, एक अन्य पात्र, इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहता है कि ऐसे पुरुष, जो अपनी पत्नियों को प्रताड़ित करते हैं, वे पति कहलाने के लायक नहीं हैं। कहानी नारी की पीड़ा और सामाजिक अन्याय को उजागर करती है। फ़ैसला - 6 Rajesh Shukla द्वारा हिंदी महिला विशेष 23k 4k Downloads 8.8k Views Writen by Rajesh Shukla Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मैंने जैसे ही लेटने के लिए बेटी को एक ओर बिस्तर पर खिसकाना चाहा, कि उसी क्षण अभय लड़खड़ाते हुए कमरे में दाखिल हुआ। उसे देखते ही मेरे अंदर भरा गुस्से का लावा बाहर फूट पड़ा। मैं घायल शेरनी की तरह उस पर टूट पड़ी। उसके शर्ट के कॉलर को पकड़ कर मैं लगभग लटक गयी। वह कितना भी नशे में था। लेकिन एक पुरूष और एक स्त्री की ताकत में अन्तर होता है। उसने अपने दोनों हाथों से छुड़ाकर मुझको फर्श पर फेंक दिया। उसके बाद भी मैं दौड़कर उससे लिपटकर नोचने लगी। बार-बार मैं एक ही शब्द दोहरा रही थी कि तुम औरत के दलाल हो। तुमको मैं अपना पति कहूं - छिः ... छिः ...। Novels फ़ैसला जून का महीना। उफ! ऊपर से ये गरमी। रात हो या दिन दोनों में उमस जो कम होने का नाम नहीं ले रही थी। दिन की चिलचिलाती धूप की तपिस से रात को घर की दीवारें च... More Likes This Shakti ke Shiv - 7 द्वारा sheetal ठुकराईन नयना देवी - 1 द्वारा Vandna Sharma पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 2 द्वारा Sonam Brijwasi पिंजरे की उड़ान द्वारा deepanshi garg कुंवारी कन्या - 1 द्वारा nirala ji मंदिर में तुम - 3 द्वारा Sonam Brijwasi टूटता हुआ मन - भाग 2 द्वारा prem chand hembram अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी