बुंदेला साब ने ठाकुर साब की अचानक मृत्यु पर हंसी की थी, सोचते हुए कि उनकी बेटी सुनंदा को ससुराल में समय बिताने का मौका मिलेगा। लेकिन ठाकुर साब की उम्र केवल पैंतालीस वर्ष थी, और उनके निधन के बाद सुनंदा मायके लौट आई। वह अब ज़मीन-जायदाद की देखभाल कर रही थी। सुनंदा की सोच थी कि वह अपनी बेटी नीलू और दामाद को अपने पास रखना चाहती थी। नीलू, जो पहले स्कूल में खुश थी, अब कॉलेज में आने के बाद मोटापे के कारण तिरस्कार का सामना कर रही थी। उसकी दादी शादी के लिए लड़के तलाशने लगीं, लेकिन नीलू के मोटापे के कारण रिश्ते लौटते रहे। नीलू की पढ़ाई और बुद्धिमत्ता को नजरअंदाज किया गया, और उसे केवल शादी की चिंता सताने लगी। जब परिहार परिवार की ओर से रिश्ता आया, तो नीलू को समझ नहीं आया कि उसे कैसा महसूस हो रहा है - खुश या नाखुश। बड़ी बाई साब - 11 vandana A dubey द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 33.6k 7.3k Downloads 13.1k Views Writen by vandana A dubey Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बुंदेला साब को मन ही मन हंसी आई होगी ऐसे प्रस्ताव पर. सोचते होंगे कि अभी तो खुद ठाकुर साब की उमर चालीस से बस कुछ ही ऊपर है. जब तक ज़रूरत पड़ेगी, तब तक बिटिया ससुराल में रम चुकी होगी. और बाद में देखना भी पड़ा तो क्या? आखिर सारी ज़ायदाद बेटे के नाम हो भी तो जायेगी, सो देखभाल भी जायज़ है. लेकिन बुंदेला साब का अनुमान ग़लत निकला, और ठाकुर साब मात्र पैंतालीस साल की उमर में ही हृदयाघात के चलते, परलोकवासी हो गये. सुनंदा, जिसने ससुराल में पांच साल भी राम-राम करके ही गुज़ारे थे, अब Novels बड़ी बाई साब “ ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते !!.......नीचे मंडप में पंडित जी कलश स्थापना कर रहे थे. खिड़की से सिर... More Likes This Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी