मुख़बिर - 6 राज बोहरे द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

मुख़बिर - 6

राज बोहरे मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी

उस दिन वोट गिरने में एक दिन बाकी था। पटवारी होने के नाते मेरे माथे पर अनगिनत जिम्मेदारियां लदी थीं । अपने हल्का ( कार्य क्षेत्र के गांवों ) में आये चुनाव कर्मचारियों की पूरी व्यवस्था मुझे संभालनी थी, ...और पढ़े


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