कहानी में सुनंदा की मां को पनबेसुर और पंडित जी के लगातार आने से यह आभास होता है कि ठाकुर साब सुनंदा के लिए लड़के की खोज में हैं। सुनंदा अभी केवल सोलह वर्ष की है और उसकी मां चाहती है कि वह अट्ठारह साल की होने से पहले शादी न करे, क्योंकि वह पढ़ाई कर रही है। ठाकुर साब का कहना है कि अगर कोई अच्छा रिश्ता मिल जाता है तो वह इससे पहले ही बात पक्की करना चाहते हैं, और वह सुनंदा की पढ़ाई को रोकने की कोई योजना नहीं बना रहे हैं। सुनंदा की मां को अपने अनुभवों के आधार पर चिंता है कि ससुराल में लड़कियों की पढ़ाई रुक सकती है। हालांकि, ठाकुर साब का मजाकिया अंदाज और उनके घरजमाई लाने का विचार सुनंदा की मां को थोड़ा असहज करता है, लेकिन वह अंततः सहमत हो जाती हैं क्योंकि सुनंदा उनका सहारा है। कुछ वर्षों बाद, सुनंदा की शादी बुंदेला परिवार में होती है, जो पढ़े-लिखे और खानदानी लोग हैं। ठाकुर साब ने पहले से ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उनकी संपत्ति सुनंदा की है और भविष्य में जब जरूरत पड़ेगी, तो सुनंदा को ही उसकी देखभाल करनी होगी। बुंदेला साब इस प्रस्ताव पर हंसते हैं, सोचते हुए कि सुनंदा की शादी के बाद उसकी स्थिति बदल जाएगी। कहानी में पारिवारिक संबंधों और संपत्ति के मुद्दों के बीच समझौते की झलक मिलती है। बड़ी बाई साब - 10 vandana A dubey द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 20.1k 7.9k Downloads 13.4k Views Writen by vandana A dubey Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रोज़ शाम को पनबेसुर का आना, खुसुर-पुसुर करना, और उसके अगले ही दिन पंडित जी का पधारना जब लगातार होने लगा तो सुनंदा की मां का माथा ठनका था. उस दिन उन्होंने ठाकुर साब के किसी ज़िक्र के पहले ही अपना मंतव्य स्पष्ट कर दिया- “ सुनिये, ये पनबेसुर और पंडित का रोज़-रोज़ आना साबित कर रहा है कि आप सुनन्दा के लिये लड़के की खोज में लग गये हैं. सुनन्दा अभी केवल सोलह की है और मैं उसे अट्ठारह के पहले नहीं ब्याहने वाली, चाहे जितना अच्छा रिश्ता आप मेरे सामने ला के पटकें. लड़की पढ़ रही है और Novels बड़ी बाई साब “ ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते !!.......नीचे मंडप में पंडित जी कलश स्थापना कर रहे थे. खिड़की से सिर... More Likes This उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha RAJA KI AATMA - 1 द्वारा NOMAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी