इस कहानी में अंजलि और राहुल के बीच बातचीत हो रही है, जहां अंजलि राहुल पर आरोप लगाती है कि उसने उसके पिता को नाराज़ किया है। राहुल का कहना है कि अंजलि के जाने की बात ने पिता को नाराज़ किया। अंजलि अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहती है कि वह पैसे के लिए नहीं, बल्कि परिवार के भविष्य के लिए काम कर रही है। वह बच्चों की शिक्षा और अपने माता-पिता के स्वास्थ्य के लिए चिंता करती है। अंजलि का कहना है कि उसे ज्यादा पैसे कमाने की जरूरत है ताकि वह अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके, खासकर जब उनका परिवार बढ़ेगा। वह राहुल से यह भी पूछती है कि क्या इस सोच में कुछ गलत है। कहानी में अंजलि की मानसिकता और जिम्मेदारियों के प्रति उसकी जागरूकता को दर्शाया गया है। अमर प्रेम - 8 Pallavi Saxena द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 7.4k 3.5k Downloads 9.8k Views Writen by Pallavi Saxena Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण देखा नाराज़ कर दिया न पापा को, मैंने नाराज़ किया पापा को ? अंजलि ने गुस्से से कहा हाँ नहीं तो और किसने किया? ना तुम वापस जाने कि बात करती न पापा कभी इतना गुस्सा होते। “एकस्कुएज मी”, वापस जाने कि बात मैंने नहीं खुद पापा जी ने शुरू कि थी। वैसे भी, क्या हुआ आज या कल में मैं तुम से इस विषय में बात करने ही वाली थी। हाँ हाँ क्यूँ नहीं जाओ चली जाओ यहाँ क्या रखा है। Novels अमर प्रेम जीवन मरण के बारे में सोचते हुए हमेशा मन उलझ जाता है चारों ओर बस सवाल ही सवाल नज़र आते हैं मगर उत्तर कहीं नज़र नहीं आता। क्या है यह आत्मा, दिल दिमाग या फ... More Likes This दास्तान ए मोहब्बत..- 1 द्वारा sneha सोनिया को सतीश से प्यार - 1 द्वारा Ankit Khatri वृषाली - अध्याय 1 द्वारा Vishakha Bhatt अल्फाज़ ए इश्क - 1 द्वारा amjadaara आईने में बदलता जीवन - भाग 9 द्वारा Chandni choudhary तपिश: तेरे इश्क़ की - 1 द्वारा Shree Kriti दुआ और सब्र की दस्ता - 1 द्वारा amjadaara अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी