व्यक्ति से किया था। विनी का पति पागल था और उसके कारण वह बहुत परेशान थी। विनी अपने पति की देखभाल करती थी और उनके साथ कठिनाईयों का सामना करती थी। कन्हैया, जो एक दयालु और धार्मिक व्यक्ति थे, ने श्यामा की मदद करने का निर्णय लिया, जो अपने पति के अत्याचारों और परिवार की परेशानियों से परेशान थी। उन्होंने श्यामा को अपने मकान में एक कमरा देने का प्रस्ताव रखा, हालांकि उन्होंने चिंताओं का भी उल्लेख किया कि लोग उनके संबंधों पर बातें बना सकते हैं। श्यामा ने कन्हैया को अपनी कठिनाईयों के बारे में बताया और अपने बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान की मांग की। कन्हैया ने श्यामा की मदद करने का निर्णय लिया और उन्हें अपने घर में रहने दिया। यह कहानी दया, सहानुभूति और समाज में एक-दूसरे की सहायता करने के महत्व को दर्शाती है। विद्रोहिणी - 7 Brijmohan sharma द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 2.7k 2.6k Downloads 7.1k Views Writen by Brijmohan sharma Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण 1 - शरण 2 - पागल 3 - झगड़ा शुरू 4 - गधाटेकड़ी Novels विद्रोहिणी (ऐक अकेली अबला, बेसहारा, बेबस ऐवम गरीब महिला का पाखंउी, जातिवादि, घोर साम्प्रदायिक संकीर्णतावाद से ग्रस्त समाज से संघर्ष की रोमाचक दास्तान । गरीबों के... More Likes This रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी